गुर्दे की बीमारी

गुर्दे की बीमारी – ‘साइलेंट किलर’

गुर्दे की बीमारी को अक्सर एक ‘साइलेंट किलर’ के रूप में जाना जाता है क्योंकि अधिकांश लोगों को बीमारी का पता तब तक नहीं चलता जब तक यह उग्र रूप धारण नहीं कर लेता।

हाँ, गुर्दे की बीमारियाँ कई बार बहुतें लोगों में असंवेदनशील रूप से बढ़ती हैं, जिससे उन्हें इसके बारे में सही समय पर पता नहीं चलता है। इसलिए उसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। यह बीमारी अक्सर तब पता चलती है जब यह पहले से ही गंभीर हो जाती है और इलाज करना मुश्किल हो जाता है।

गुर्दे के रोगों की सामान्य लक्षणों में से कुछ शामिल हैं: पेशाब में बदलाव, पेट में दर्द, उरिन बनाने में समस्याएं, खून या प्रोटीन के स्तर में बढ़ोतरी, या उत्तेजना की समस्याएं। अगर किसी को ऐसे लक्षण होते हैं तो उन्हें त्वरित चिकित्सा साहाय्य प्राप्त करना चाहिए।

  • पेशाब में बदलाव: अगर आपका पेशाब बहुत अधिक है या बहुत कम है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
  • पेशाब में दर्द या उरिन बनाने में समस्याएं: यदि आपको पेशाब करने में दर्द है या यह किसी अनैतिक रंग का है, तो इसे ध्यान से लेना चाहिए।